मोटिवेशनल शायरी– शायरी संग्रह भाग 8


5.बार–बार टूटने के बाद, अब भी मुझमें है हिम्मत संभलने की
यकीं है मुझे पा लूँगा अपनी मंजिल, पार करके हर मुसीबत
गर साथ है मेरे, मेरे खुदा की नेमतImage result for motivation

6.एक नई सोच की ओर कदम बढ़ाएँ
हौसलों से अपने सपनों की ऊंचाइयों को छू कर दिखाएँ
जो  आज तक सिमट कर रह गई थी ख्यालों में
उन सपनों को सच कर दिखाएँ.Related image


log in

reset password

Back to
log in