रोमांटिक शायरी – शायरी संग्रह भाग 5


3. उलफत का अकसर यही दस्तूर होता है,

जिसे चाहो वही दूर होता है.

दिल टुट कर बिखरते हैं इस कदर,

जैसे कोई काँच का खिलोना चूर चूर होता है !!

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4. नज़र ने नज़र से मुलाक़ात कर ली,

रहे दोनों खामोश पर बात करली,

मोहब्बत की फिजा को जब खुश पाया,

इन आंखों ने रो रो के बरसात कर ली !!Image result for romantic pics


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